सिलेबस नहीं, दिमाग जीतता है परीक्षा, IIT रुड़की के इस पूर्व छात्र की किताब से बदल रही लाखों अभ्यर्थियों की सोच

JR Choudhary
JR Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Chief Editor
Aug 5, 2026 • 12:55 PM  4  0
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सिलेबस नहीं, दिमाग जीतता है परीक्षा, IIT रुड़की के इस पूर्व छात्र की किताब से बदल रही लाखों अभ्यर्थियों की सोच
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सिलेबस नहीं, दिमाग जीतता है परीक्षा, IIT रुड़की के इस पूर्व छात्र की किताब से बदल रही लाखों अभ्यर्थियों की सोच

हर साल भारत में लाखों छात्र JEE, NEET, CAT, UPSC जैसी परीक्षाओं में बैठते हैं, समान syllabus, समान coaching, समान मेहनत के साथ। फिर भी सिर्फ एक छोटा हिस्सा ही सफल हो पाता है। वर्षों तक इस फर्क को "talent" या "किस्मत" कहकर टाल दिया जाता रहा। बृजेश चंद्र श्रीवास्तव की किताबें कहती हैं, यह न talent है, न किस्मत।

और अब देशभर के अभ्यर्थी इससे सहमत होते दिख रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में, अलग-अलग शहरों से छात्र सीधे श्रीवास्तव से संपर्क कर रहे हैं, "Awareness to Mastery" पढ़ने के बाद, यह पूछने के लिए कि इसकी एकाग्रता और मानसिक स्थिरता की तकनीकें अपनी तैयारी में कैसे लागू करें। "यह उनके ज्ञान में कुछ नहीं जोड़ती," श्रीवास्तव कहते हैं। "यह बदलती है कि दबाव में वह ज्ञान उनके लिए कितना सुलभ रहता है, और सिर्फ यही बदलाव किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में उनकी सफलता की संभावना को मापने लायक बढ़ा देता है।"

JR Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Chief Editor

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