थार के सुरों को राष्ट्रीय सम्मान: अलगोजा वादक तगा राम भील को मिला पद्मश्री

जैसलमेर के लोक कलाकार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में किया सम्मानित; तीन दशकों से अधिक की साधना को मिली पहचान

JR Choudhary
JR Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Chief Editor
May 26, 2026 • 4:54 PM | जैसलमेर  1  0
जैसलमेर
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थार के सुरों को राष्ट्रीय सम्मान: अलगोजा वादक तगा राम भील को मिला पद्मश्री
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थार के सुरों को राष्ट्रीय सम्मान: अलगोजा वादक तगा राम भील को मिला पद्मश्री
थार के सुरों को राष्ट्रीय सम्मान: अलगोजा वादक तगाराम भील को मिला पद्मश्री

नई दिल्ली, 26 मई 2026: राजस्थान के प्रसिद्ध लोक कलाकार और जैसलमेर निवासी अलगोजा वादक तगा राम भील को सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित प्रथम नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें थार के जनजातीय लोक संगीत और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में दिए गए जीवनभर के योगदान के लिए प्रदान किया गया।

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के अनुसार, इस वर्ष पहले चरण में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित 58 हस्तियों में तगा राम भील भी शामिल रहे। इसी समारोह में दो पद्म विभूषण और छह पद्म भूषण भी प्रदान किए गए।

थार की रेत से उठी पहचान

तगा राम भील जैसलमेर जिले के भील जनजातीय समुदाय से आते हैं और राजस्थान के अलगोजा वादन परंपरा के वरिष्ठतम कलाकारों में गिने जाते हैं। अलगोजा पश्चिमी राजस्थान, सिंध और पंजाब की लोक परंपरा से जुड़ा जुड़वाँ बाँसुरी जैसा पारंपरिक वाद्ययंत्र है। अमर उजाला और द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने सात वर्ष की आयु में मवेशी चराते हुए इस वाद्ययंत्र को बजाना सीखा था।

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