डॉ . सिद्धार्थ शंकर राजू : संघर्ष से सफलता तक की यात्रा नई दिल्ली , मार्च 12 : ग्रामीण परिवेश से निकलकर शिक्षा , शोध और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले डॉ . सिद्धार्थ शंकर राजू आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। उनका जीवन यह दर्शाता
JR Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026Chief Editor
नईदिल्ली, मार्च 12 :ग्रामीणपरिवेशसेनिकलकरशिक्षा, शोधऔरविद्यार्थियोंकेमार्गदर्शनकेक्षेत्रमेंअपनीविशिष्टपहचानबनानेवालेडॉ. सिद्धार्थशंकरराजूआजहजारोंयुवाओंकेलिएप्रेरणाकास्रोतबनचुकेहैं।उनकाजीवनयहदर्शाताहैकियदिव्यक्तिमेंदृढ़संकल्प, मेहनतऔरशिक्षाकेप्रतिसमर्पणहो, तोसीमितसंसाधनोंकेबावजूदभीबड़ीउपलब्धियाँहासिलकीजासकतीहैं।
डॉ. सिद्धार्थशंकरराजूकाजन्मबिहारकेदरभंगाजिलेकेकसरौरगाँवमेंश्रीबिश्वामोहनझाऔरश्रीमतीसुनैनादेवीकेघरहुआ।साधारणग्रामीणपरिवारमेंपले-बढ़ेडॉ. राजूनेप्रारंभसेहीशिक्षाकोअपनेजीवनकाआधारबनाया।कठिनपरिस्थितियोंऔरसीमितसंसाधनोंकेबावजूदउन्होंनेअपनीपढ़ाईजारीरखीऔरधीरे-धीरेशिक्षाकेक्षेत्रमेंएकमजबूतपहचानस्थापितकी।
डॉ. राजूकामाननाहैकिशिक्षाकाउद्देश्यकेवलडिग्रीप्राप्तकरनानहीं, बल्किव्यक्तिकेभीतरआत्मविश्वास, अनुशासनऔरजिम्मेदारीकीभावनाविकसितकरनाहै।यहीकारणहैकिवेअपनेविद्यार्थियोंकोकेवलविषयज्ञानहीनहींदेते, बल्किजीवनमेंआगेबढ़नेकीप्रेरणाभीदेतेहैं।