UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रीलिम्स से इंटरव्यू तक संपूर्ण सहयोग का सशक्त मॉडल बनी ‘अस्मिता’ पहल
नई दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) को उत्तीर्ण करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अवश्य है , किंतु इसके बाद की यात्रा - मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Intervi
नई दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) को उत्तीर्ण करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अवश्य है, किंतु इसके बाद की यात्रा-मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Interview)—अभ्यर्थियों के लिए कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होती है। विशेष रूप से उपयुक्त मार्गदर्शन, संसाधनों और अनुकूल वातावरण के अभाव में अनेक प्रतिभाशाली छात्र अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाते।
इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए दृष्टि आईएएस द्वारा वर्ष 2021 में ‘अस्मिता’ (ASMITA) पहल की शुरुआत की गई। इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जैसे ही कोई अभ्यर्थी प्रीलिम्स उत्तीर्ण करता है, दृष्टि आईएएस उसे एक संरचित और निरंतर सहयोग प्रणाली से जोड़ देता है, जो केवल मेन्स तक सीमित नहीं बल्कि अगले प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू—पूरी परीक्षा प्रक्रिया तक उसका साथ निभाती है।
प्रीलिम्स के बाद से संपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन
‘अस्मिता’ पहल के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को दिल्ली आमंत्रित किया जाता है, जहाँ उनकी तैयारी से जुड़ी लगभग हर जिम्मेदारी—रहने, खाने और पढ़ाई तक—दृष्टि आईएएस द्वारा वहन की जाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की आर्थिक या व्यवस्थागत चिंता से मुक्त होकर पूरी एकाग्रता के साथ अपनी तैयारी कर सकें।