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<title>Sangri Today Marathi &#45; : Jaipur</title>
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<title>जब पत्थर बोले भावनाओं की भाषा: राजकुमार गुप्ता की पेबल आर्ट प्रदर्शनी ने मोहा मन</title>
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<description><![CDATA[  हवा महल में सजी अनोखी प्रदर्शनी, साधारण पत्थरों में दिखी प्रेम, ममता और जीवन की गहराई नदी के किनारों पर बिखरे साधारण पत्थर… जिन पर अक्सर किसी की नजर नहीं ठहरती, वही पत्थर जब कलाकार की कल्पना से छूते हैं तो भावनाओं की जीवंत कहानियां बन जाते हैं। ऐसे ही अद्भुत कला का अनुभव इन दिनों राजकुम ]]></description>
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<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 18:35:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Jaipur, Rajasthan</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;&nbsp;<a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEgqsH40dyxqV16lCRuMlwmtCyT4_M3q2zNQ4-j1U_BGoNBF_JEtjzLHmxuKEiT9gg9RCJZIcv1FzJ6WpfBEqpvg8zG-57IWi1WToMmwuwgr2W8MXkUVHd5cVFSnQSvQ6wIgLZEiY4RRIDNOdd7HxfoxUEB-JF76Fb6AF6Q__3FOusIBZ8_uOcHs_PpQcIA/s1600/Pebble%20Art%20exhibition.webp"></a></p><br /><p><b><i>हवा महल में सजी अनोखी प्रदर्शनी, साधारण पत्थरों में दिखी प्रेम, ममता और जीवन की गहराई</i></b></p><p><b><i>नदी के किनारों पर बिखरे साधारण पत्थर… जिन पर अक्सर किसी की नजर नहीं ठहरती, वही पत्थर जब कलाकार की कल्पना से छूते हैं तो भावनाओं की जीवंत कहानियां बन जाते हैं। ऐसे ही अद्भुत कला का अनुभव इन दिनों राजकुमार गुप्ता की पेबल आर्ट प्रदर्शनी में देखने को मिल रहा है।</i></b></p><p><b>जयपुर</b>। हवा महल स्थित एग्जीबिशन हॉल में शुरू हुई दो दिवसीय इस अनोखी प्रदर्शनी में कलाकार ने साधारण पत्थरों को रंगों और संवेदनाओं से सजाकर जीवंत कलाकृतियों में बदल दिया है। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुली इस प्रदर्शनी में 40 से अधिक पेबल आर्ट वर्क्स दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं।</p><p>विधिक पेशे से जुड़े राजकुमार गुप्ता पिछले कई वर्षों से पेबल आर्ट को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बना चुके हैं। उनका मानना है कि हर पत्थर अपने भीतर एक अनकही कहानी और भावना समेटे होता है—बस उसे पहचानने और उकेरने की जरूरत होती है।</p><p><b>भावनाओं को रंगों में ढालती कला</b></p><p>प्रदर्शनी में मां-बेटे के स्नेह, प्रेम के इजहार और एक युवा की गहरी सोच जैसे विषयों को बेहद संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया गया है। खास तौर पर मां की गोद में बच्चे की मासूमियत दर्शाती कलाकृति दर्शकों को भावुक कर देती है। वहीं, प्रेम पर आधारित रचना पुरानी प्रेम कहानियों की याद ताजा कर देती है।</p><p><b>दर्शकों को कर रही मंत्रमुग्ध</b></p><p>इन कलाकृतियों की खासियत यह है कि पहली नजर में यकीन करना मुश्किल होता है कि ये सिर्फ पत्थर हैं। हर आर्टवर्क इतनी बारीकी और भावनात्मक गहराई से बनाया गया है कि दर्शक कुछ पल के लिए ठहरकर उसे महसूस करने लगते हैं।</p><p>हाल ही में मार्च 2026 में नोएडा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में भी राजकुमार गुप्ता की कला को खूब सराहना मिली थी। अब जयपुर में यह प्रदर्शनी स्थानीय कला प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण बन गई है।</p>]]> </content:encoded>
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